भारत का राष्ट्रिय फूल -हमारे भारत का राष्ट्रीय फूल कमल का फूल है जो की पवित्र फूल है ,प्राचीन भारत की पौराणिक विद्या तथा कला में एक मात्रा स्थान है और जिसे अति प्राचीन समय से भारतीय संस्कृति का एक प्रतिक माना जाता है
कमल जिसे प्रतिक माना जाता है पवित्रम ,सुंदरता ऐश्वर्यता ,शालीनता ,उर्वरता ,सुख -समृद्धि ,ज्ञान एवं शान्ति का जिसे विजय एवं सफलता का प्रतिक माना जाता है चूँकि कमल कीचड़ में खिलता है और हजारो वर्षो तक पुनः अंकुरित होते हुए जीवित रह सकता है। इस लिए यह लम्बी आयु ,सम्मान एवं उज्ज्वल भविष्य को प्रदर्शित करता है
सामान्यतः ये स्वेत एवं गुलाबी रंग मेये जाते है और वे अन्धकारयुक्त एवं छिंछले पानी में में उगते है। कुछ फ़ूलनीले रंग में भी दिखाई देते है।
लक्ष्मी एवं सरस्वती देवियाँ कमल के फूल पर विराजमान है। भगवान् शिव ने भी जो शेषनाग के प्रकोप से बचना चाहता था ,स्वयं को मधुमखी के आकार में ढल कर कमल में शरण ली थी। बौद्ध इस फूल को पवित्रता की भांति मानते है। पौधा जो अपने में अनेकता को एकता में संजोये हुए है यद्यपि पौधे की पत्तिया पानी की पृष्ठ पर फ़ैल रही है भी पानी की एक बून्द पत्तियों के शीर्ष पर समायोजित नहीं है। शायद मानो वे मानव को जीवन से बद्ध बिछुड़ने एवं सांसारिक आनन्दो से मुक्ति का पाठ पढ़ाती है।
अछूत अपवित्रता द्वारा ,कमल दिल व् दिमाग की पवित्रता को दर्शाता है और मानव को भारतीय ग्रन्थ द्वारा एक अलगाव जीवन जीने का उद्देश्य देता है
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य -कमल (निलम्बो नूसीपेरा गेर्टन) भारत का राष्ट्रीय फूल है। यह पवित्र पुष्प है और इसका प्राचीन भारत की कला और गाथाओं में विशेष स्थान है और यह अति प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति का मांगलिक प्रतीक रहा है। भारत पेड़ पौधों से भरा है।] अब तक 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया गया उसमें से भारत के वनस्पति सर्वेक्षण द्वारा 47,000 वनस्पति की प्रजातियों का वर्णन किया गया है।

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